A Secret Weapon For ???? SHANI STAMBHAN SADHNA KA SAHI SAMAY

This occasion encourages us to make profound connections with our internal selves, which promotes spiritual progress and peace. This holy year reminds us which the core of devotion may be the purity of our hearts plus the sincerity of our prayers.

त्रिपुर सुंदरी : श्री ह्रीं क्लीं ऐं सौ: ॐ ह्रीं क्रीं कए इल ह्रीं सकल ह्रीं सौ: ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं नम:।

गुप्त नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा की दस महाविद्याओं (काली, तारा, बगलामुखी, त्रिपुरसुंदरी, छिन्नमस्ता, भुवनेश्वरी, धूमावती, मातंगी, कमला और भैरवी) की साधना की जाती है। ये महाविद्याएं साधक को विशेष आध्यात्मिक शक्तियां और सिद्धियां प्रदान करती हैं।

जीवन में आने वाले संकट और बाधाएं दूर होती हैं।

हर दिन अलग-अलग देवी का आह्वान और मंत्र जाप करें।

व्रत और नियम: गुप्त नवरात्रि में व्रत रखना अत्यधिक फलदायी होता है।

पूरे परिवार सहित माता का स्वागत करें, उनका पूजन, आरती करके भोग लगाएं और उनसे सुख-समृद्धि की कामना करें।

Gupt Navratri is very vital for those who are deeply linked to the sector of tantra, yoga, mantra, and sadhana. This is the greatest time to realize achievement in Distinctive sadhana and also to receive blessings from the Guru.

* शनि-राहु की महादशा या अंतरदशा, शनि की साढ़े साती, शनि का ढइया आदि सभी से काली रक्षा करती हैं।

गुप्त नवरात्रि में करें ये साधना, जो चाहोगे वो मिलेगा

साधक को मनोवांछित सिद्धियां और फल प्राप्त होते get more info हैं।

मां दुर्गा की प्रतिमा को लाल रंग के वस्त्र में सजाएं।

इस दौरान कलश स्थापना करना शुभ रहेगा. आप पहले से तैयारी कर लें और शुभ मुहूर्त के अंदर ही कलश स्थापना कर लें.

गुप्त नवरात्रि का यह पावन समय साधकों के लिए एक नई ऊर्जा और प्रेरणा लेकर आता है। इसका पालन श्रद्धा और नियम के साथ करने से जीवन में अद्भुत परिवर्तन संभव है।

मंत्र साधना के लिए एकांत और शांत स्थान चुनें।

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